
Axis Institute of Architecture के फाइनल ईयर छात्रों की स्टेज-2
थीसिस स्टेज-2 ज्यूरी सम्पन्न
Axis Institute of Architecture के फाइनल ईयर छात्रों की स्टेज-2 थीसिस ज्यूरी में केस स्टडी व लिटरेचर स्टडी का सफल मूल्यांकन
Axis Institute of Architecture, कानपुर के फाइनल ईयर के छात्रों ने अपनी पाँच वर्षीय वास्तुकला शिक्षा के सबसे महत्वपूर्ण चरण—थीसिस स्टेज-2 ज्यूरी—को सफलतापूर्वक सम्पन्न किया। इस चरण में छात्रों ने अपनी केस स्टडी, लिटरेचर स्टडी, साइट एनालिसिस, डिजाइन इनफरेंस तथा विभिन्न आर्किटेक्चरल पैरामीटर्स पर आधारित अनुसंधान कार्य को आंतरिक ज्यूरी के समक्ष प्रस्तुत किया।
ज्यूरी के दौरान छात्रों ने अपने-अपने विषयानुसार चुनी गई परियोजनाओं पर गहन अध्ययन प्रस्तुत किया। केस स्टडी के अंतर्गत उन्होंने वास्तविक भवनों, परियोजनाओं और उपयोगकर्ताओं से संबंधित डेटा का विश्लेषण किया, जिसमें साइट की कार्यप्रणाली, स्पेस प्लानिंग, बिल्डिंग सर्विसेज, मानव व्यवहार तथा डिजाइन की उपयोगिता जैसे पहलुओं को प्रमुखता से शामिल किया गया। वहीं, लिटरेचर स्टडी में छात्रों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय वास्तुकला मानकों, कोड्स, डिजाइन सिद्धांतों और विभिन्न आर्किटेक्ट्स के कार्यों का अध्ययन कर उन्हें अपने शोध में संदर्भ के रूप में प्रस्तुत किया।

Axis Institute of Architecture के आंतरिक फैकल्टी सदस्यों ने ज्यूरी के दौरान छात्रों की प्रस्तुतियों की बारीकी से समीक्षा की और उन्हें डिजाइन सुधार, अवधारणाओं की स्पष्टता, प्रेजेंटेशन तकनीकों तथा शोध के स्तर को और अधिक मजबूत करने के लिए सुझाव प्रदान किए। उन्होंने छात्रों को प्रैक्टिकल एक्सपोज़र को अनुसंधान से जोड़ने, केस स्टडी के निष्कर्षों को डिजाइन डेवलपमेंट में उचित रूप से लागू करने और उपयोगकर्ता-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाने पर विशेष बल दिया।
ज्यूरी प्रक्रिया के दौरान छात्रों में उत्साह और सीखने की भावना स्पष्ट दिखाई दी। कई विद्यार्थियों ने अपने विषयों के अनुरूप नवीन, व्यवहारिक और सतत डिज़ाइन विचार प्रस्तुत किए, जिससे उनके वास्तुकला के प्रति समर्पण और रचनात्मक सोच का भी परिचय मिला।
यह स्टेज-2 ज्यूरी छात्रों के लिए उनके अंतिम थीसिस प्रोजेक्ट की दिशा तय करने वाला बेहद महत्वपूर्ण चरण माना जाता है। इस मूल्यांकन के बाद छात्र अपने डिजाइन विकास, ड्रॉइंग्स, मॉडल निर्माण और अंतिम प्रस्तुतिकरण पर और अधिक केंद्रित होकर कार्य करेंगे।
संस्थान के फैकल्टी सदस्यों ने आशा व्यक्त की कि छात्र इस ज्यूरी से मिली सीख और सुझावों को अपनाकर अपनी अंतिम थीसिस को उत्कृष्टता की ओर ले जाएंगे और वास्तुकला क्षेत्र में एक मजबूत पहचान स्थापित करेंगे।